Friday, 12 June 2015

सरकारी नौकरी की तैयारी- हानियाँ और लाभ-2

तो सरकारी नौकरी की तैयारी करते-करते आपके essay की तैसी हो चुकी होती है| सरकारी नौकरी आपको मिली नहीं और प्राइवेट वालों के लिए आप थोड़ा उम्रदराज हैं| उन्हें चाहिए होते हैं ऐसे चूज़े जिन्हें वे अपनी मर्ज़ी का मुर्गा बना सकें और वो भी अंडे देने वाला| और हम तो पहले ही मुर्गा बन चुके हैं जो न तो अंडे देता है और ना ही कुकड़ूकू बोलता है किसी के कहने पर| तो आपकी जिंदगी एक खुशबूदार बिरयानी की जगह(चाहे तो पुलाव भी बोल सकते है) एक ऐसी बासी खिचड़ी बनकर रह जाती है जो पिछले कई सालों से फ्रिज में पड़ी हुई है और जिसे अब फैंक देना ही ठीक है|

दूसरी हानि

शादी- हाँ जी शादी सबसे महत्त्वपूर्ण विषय है| और यह और भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण हो जाता है अगर आप लड़की हो तो| २२-२३ के होते ही आप के लिए लड़का तलाश करने की कवायद शुरू हो जाती है ताकि जल्दी से जल्दी आपसे छुटकारा पाया जा सके| मेरे लिए भी लड़कों की तलाश ज़ारी थी ताकि पढाई पूरी होते ही मेरी शादी की जा सके| मैं नौकरी करूँ या नहीं मेरे घर वालों को इससे कोई लेना-देना नहीं था| मैं भी तैयार थी| ‘२४-२५ की उम्र में शादी कर लेनी चाहिए|’

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था| सिर पर सरकारी नौकरी का भूत सवार होते ही मैंने कह दिया की अगले दो सालों तक मैं शादी नहीं करुँगी चाहे कोई कुछ भी कर ले| ‘मैं शादी करके पति को सम्भालुगी या अपनी किताबों को|’ और मैंने एक तरह का temporary सन्यास ले लिया| शादी के ख्याल को अपने मन में घुसने तक नहीं दिया| लेकिन घर वाले भी अड़े रहे और थोक के भाव मुझे लड़के दिखाते रहे और मैं थोक के भाव ही उन्हें रिजेक्ट करती रही| सोचा लड़के ही तो हैं बाद में भी मिल जायेंगे| लेकिन मैं एकदम गलत थी|

जब मैंने तैयारी शुरू ही की थी तब तक हर महीने किसी ना किसी लड़के की खबर आती ही रहती थी| लेकिन धीरे-धीरे उनका अनुपात भी कम होता गया| और आज ये हालात है की मेरी छोटी बहन और भाई तक के रिश्ते आते हैं लेकिन मेरे लिए नहीं| आजकल लगने लगा है की अब मेरी शादी नहीं होगी|

लड़का चाहे ३५ साल का हो लड़की उसे २५ की ही चाहिए| और ३० की उम्र का लड़का तीस की उम्र की लड़की से बिल्कुल भी शादी नहीं करेगा क्योंकि लड़के की माँ को लगता है की लड़की लड़के से कम से कम दो-तीन साल छोटी होनी चाहिए| उनको लड़की की सुन्दरता, उसके बर्ताव से कोई मतलब नहीं है| इसका सबसे कारण बड़ा कारण, जो लड़के की माँ के अनुसार होता है- बच्चे| एक पच्चीस या उससे कम उम्र की लड़की उन्हें ज्यादा तंदरुस्त बच्चे पैदा करके दे सकती है चाहे उसे कुछ healthy खाने को मिले या नहीं| जैसे की ऐश्वर्या ने तंदरुस्त बच्चे को जन्म नहीं दिया| और अगर इन्हें भर-भरकर दहेज़ दे दिया जाय तो इन्हें कोई तकलीफ़ नहीं होगी बड़ी उम्र की बहू लाने में|

दूसरा कारण लड़की अगर लड़के के उम्र की या उससे ज्यादा उम्र की होगी तो उस पर हुक्म चलाएगी| जैसे की कम उम्र की लड़कियाँ अपने पतियों को अँगुलियों पर नचाना नहीं जानती हैं|


बेरोजगारी और शादी ना करना इसकी(सरकारी नौकरी की तैयारी की) दो सबसे बड़ी हानियाँ हैं| लेकिन इसके अलावा और भी कई हानियाँ है जिनका पता हमें बाद में चलता है| और जिसका पता मुझे अब चल रहा है|

सरकारी नौकरी की तैयारी करते हुए जो सबसे पहला काम एक इन्सान करता है वो है family functions में जाना छोड़ देना| अरे भई रबड़ी और गुलाब जामुन थोड़े ही हमारे करियर से ज्यादा महतवपूर्ण हैं| (आज एहसास होता है की काश, काश मैंने वो रबड़ी और गुलाब जामुन खा लिए होते तो थोड़ी देर के लिए ही सही लेकिन कुछ आनन्द तो मिलता)| और जब भी कोई मेरी माँ से पूछता की वो क्यों नहीं आई तो मेरी माँ गर्व से सीना चौड़ा करते हुए कहती की वह फलां फलां पोस्ट की तैयारी कर रही है| अपना वक्त बर्बाद करने यहाँ थोड़े आयेगी| और मेरा वो रिश्तेदार मुहँ बनाकर किसी और के साथ बातों में लग जाता|

लेकिन आज भी मैं किसी फंक्शन में जाने से बचती हूँ इसलिए नहीं की मैं एग्जाम की तैयारी कर रही हूँ बल्कि इसलिए कहीं मेरा कोई रिश्तेदार मुझे इतने सारे रिश्तेदारों की भीड़ में खोज ना ले| आप सोचेंगे की उसे क्या पड़ी है मेरी| उसे बदला लेना है उस बात का जब उसका १०० किलो खून जला था जब उसने सुना की मैंने interview के लिए सलेक्ट हो गयी हूँ| आज वो ताना मारते हुए मुझसे जानना चाहेगी की मेरा सिलेक्शन क्यों नहीं हुआ|

‘भागवान बचाए ऐसे रिश्तेदारों से|’

दूसरा काम आप जो करते हैं वो हैं अपने दोस्तों से कम बात करना| आपको लगता है की आप इतनी बड़ी पोस्ट के लिए तैयारी कर रहे है और आपके दोस्त फिल्म के लिए या पार्टी में चलने के लिए कह कर आपका वक्त बर्बाद करेंगे| आप ना तो उनका फोन उठाते हैं और ना ही उनके मेसेज का जवाब देते हैं| कुछ तो अपने फेसबुक के पेज को ही बंद कर देते हैं| (और मैंने आज तक अपने फोन में whatsapp तक डाउनलोड नहीं किया|)

दोस्त अच्छा हुआ तो कुछ वक्त तक आपका पीछा नहीं छोड़ेगा और अगर सिर्फ मतलब का हुआ तो एक बार से दूसरी बार आपको फ़ोन नहीं करेगा| तो चंद हफ्तों बाद आपके पास सिर्फ वही एक या दो दोस्त बचेंगे जो महीने बाद फोन करने पर भी बुरा नहीं मानेगे| तो अगर किसी को अपने दोस्तों से पीछा छुड़ाना है तो उसे बस एक काम करना है- सरकारी नौकरी की तैयारी| और आज हालात यह है की मैं डरती हूँ whatsapp को डाउनलोड करते हुए| क्योंकि सबसे पहला सवाल जो आएगा वो होगा- पेपर पास हुआ?

तीसरा काम- अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से दुरी बनाना क्योंकि वही लोग हैं जो आपका सबसे ज्यादा वक्त और दिमाग ख़राब करते है| और वक्त चाहे थोडा ख़राब हो जाये लेकिन दिमाग ख़राब नहीं होना चाहिए| क्योंकि दिमाग ख़राब होगा तो पेपर में क्या लिखोगे| आप उसे अपनी मज़बूरी समझाते है| बताते हैं की अभी आपका कितना सिलेबस बचा हुआ है पढ़ने के लिए| कुछ दिनों बाद वह आपको अपनी मज़बूरी बताने लगता है| और कुछ दिनों बाद आपको अपने उस दोस्त, जो अभी तक आपको छोड़कर नहीं गया था, से पता चलता है की आपका बॉयफ्रेंड अब किसी और का पति होने जा रहा है| ‘ये किसी का पति कभी मेरा बॉयफ्रेंड था|’

‘भागवान ऐसे बॉयफ्रेंड को नर्क की आग में क्यों नहीं जलाता|’

एक बॉयफ्रेंड छोड़ गया थ क्या हुआ हम दूसरा बना लेंगे|

लेकिन जिनका कोई बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड नहीं होती है उनकी और भी ज्यादा बुरी हालत होती है| जैसे की मैं| जब भी मुझे कोई cute लड़का दिखता तो दिल कहता चलो उस से चल कर दो-चार बात की जाय| और जैसे ही मेरे क़दम उसकी और बढ़ते मेरा दिमाग एकदम बॉर्डर पर खड़े किसी सिपाही की तरह अलर्ट हो जाता और मुझे चेतावनी देता की मुझे क़दमों को उसकी तरफ नहीं बल्कि घर की तरफ बढ़ाना चाहिए क्योंकि घर पर ‘भ्रष्टाचार- कारण और उसके दुष्प्रभाव’ वाला निबंध मेरा इंतजार कर रहा है| पता नहीं ये हम पर ही इस सब की जिम्मेदारी क्यों डाल देते हैं| भई भारत में सब को पता है की भ्रष्टाचार कैसे फैलता है| और उसके दुष्परिणाम तो हर घर में नज़र आ जायेंगे| लेकिन नहीं हमी को उस पर पीएचडी की रिसर्च करनी है| हमी वो महारथी हैं जो बता सकते हैं की भ्रष्टाचार कैसे फैलता है| और मैं घर पहुँच कर निबंध को तैयार करने में जुट जाती हूँ जैसे की कल ही मुझे लोकसभा में ये रिपोर्ट देनी है|

और इन निबंधों के चक्कर में ना जाने मेरे हाथ से कितने लड़के निकल गये जो मेरे बॉयफ्रेंड हो सकते थे|

तो आज मेरे पास क्या है- ना पति है, ना बॉयफ्रेंड है, ना नौकरी और ना ही दोस्त| मेरी social life एकदम बर्बाद हो चुकी है|

आप पूछेंगे की मैंने रिश्तेदारों के बारे में क्यों नहीं लिखा| वक्त अच्छा हो या बुरा रिश्तेदार का बस एक ही काम है आपको नीचा दिखाना| तो वो हो या ना हो कोई फ़र्क नहीं पड़ता|


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